BREAKING: हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्थित संजौली मस्जिद मालले में मुस्लिम संगठनों को बड़ा झटका लगा है। संजौली मस्जिद मामले में अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मुस्लिम संगठनों की याचिका खारिज करते हुए नगर निगम आयुक्त कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है।
क्या है पूरा मामला?
शिमला में संजौली मस्जिद के विवाद की शुरुआत 31 अगस्त को एक झगड़े के बाद हुई थी। मस्जिद क्षेत्र से तकरीबन 8 किलोमीटर दूर मलयाना गांव में हुए झगड़े का आरोपी कथित तौर पर मस्जिद में शरण ले रहा था। बाहरी होने के आरोपों के साथ आरोपी गुलनवाज के संजौली मस्जिद में शरण लेने के बाद ये चर्चा में आई। लोगों का गुस्सा मस्जिद को लेकर भड़कने लगा था।
मामले ने तब तक और पकड़ा जब हिमाचल प्रदेश विधानसभा के भीतर मुद्दा उठा। कांग्रेस शासित राज्य हिमाचल में कांग्रेस के ही एक विधायक ने संजौली मस्जिद को लेकर सवाल उठा दिए थे। बाद में खूब हंगामा हुआ और संजौली शहर में भी जबरदस्त प्रदर्शन हुए। मस्जिद में अवैध निर्माण के आरोप भी लगने लगे थे। मामला बढ़ते बढ़ते कोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद मस्जिद के अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया गया।
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