BREAKING: राजस्थान की भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 17 नव निर्मित जिलों में से 9 के गठन को रद्द कर दिया है। राजस्थान कैबिनेट ने पूर्ववर्ती अशोक गहलोत की सरकार में गठित किए गए 17 नए जिलों में से 8 जिलों को यथावर रखा है बाकी 9 जिलों का गठन रद्द कर दिया है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद राज्य में कुल 41 जिले रह जाएंगें।
भजनलाल कैबिनेट ने दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़ और सांचौर निरस्त कर दिया है। गहलोत सरकार में बनाए नए 17 जिलों में 8 नए जिले भजनलाल कैबिनेट ने यथावत रखे हैं। इन जिलों में बालोतरा, ब्यावर, डीग, खैरथल-तिजारा, डीडवाना-कुचामन, कोटपूतली-बहरोड़, फलोदी और सलूंबर शामिल है। ऐसे में राजस्थान में अब 33 और 8 तो कुल 41 जिले रहेंगे। 3 संभागों को भी रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही राजस्थान में अब 7 संभाग होंगे।
कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर फैसला- जोगाराम पटेल
राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि ‘हमारी सरकार ने तमाम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तय किया है कि ये जो नए जिले बनाए गए हैं उनको हम नहीं रखेंगे। इन जिलों की अभी आवश्यकता नहीं है। तीन नए संभाग की भी आवश्यकता नहीं है।’
पटेल ने कहा ये प्रशासनिक तंत्र को विधिवत करने एवं उसे प्रभावी बनाने तथा राजस्थान को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए सभी पहलुओं पर विचार करने के उपरांत सरकार ने यह निर्णय किया है।
गहलोत सरकार ने बनाए थे 17 जिले और 3 नए संभाग
उल्लेखनीय है कि गत अशोक गहलोत सरकार ने 17 नए जिले व तीन नए संभाग बनाने की अधिसूचना जारी की थी। इसके साथ ही तीन नए जिलों की घोषणा की थी लेकिन उसकी अधिसूचना जारी नहीं हुई थी।
पटेल ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा को रद्द करने पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने राज्य में पंचायत, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के पुनर्गठन का फैसला किया है।
(इनपुट- पीटीआई)
इसे भी पढ़ें: निगमबोध घाट पर हुआ मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार, कांग्रेस-AAP का आरोप