एक न्यूज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि Zee के प्रमोटर Essel Group का संबंध नोटबंदी के दौर में पैसों की आवाजाही से जुड़ी जांच से था। प्रमोटर की ज्यादा गिरवी हिस्सेदारी ने भी दबाव बढ़ाया। बाद में कंपनी ने अर्निंग्स कॉल में इन आरोपों से शेयर की गिरावट का संबंध खारिज किया। कंपनी ने संबंधित मीडिया संस्थान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की थी।