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Bhojshala: हिंदू पक्ष इस स्थल को मां सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है। वहीं जैन समुदाय के एक पक्ष का दावा है कि यह मध्यकालीन जैन मंदिर और गुरुकुल था। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को पूरे परिसर के संरक्षण और देखरेख की जिम्मेदारी दी है