यह मामला कश्मीर में सक्रिय अलगाववादी और उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ चल रही बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। इस सज़ा से साफ होता है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की एकता को लेकर सख्त रुख अपना रही है। साथ ही यह भी दिखाता है कि ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल होने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और सजा का सामना करना पड़ता है