(खबरें अब आसान भाषा में)
SP रत्ना ने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि लड़की का गर्भ का पता क्यों नहीं चल पाया। क्योंकि अब आठवें महीने में है। अधिकारियों ने इस हालत में उसका अबॉर्शन कराना खतरनाक माना है, और कहा है कि उसे घर भेजना भी कोई रास्ता नहीं है। आरोपी उस गांव के प्रभावशाली समुदाय से हैं, जहां अपराध हुए थे