पटना के गांधी मैदान में 70वीं BPSC प्रीलिम्स की फिर से परीक्षा कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार, 29 दिसंबर को बड़ी संख्या में BPSC अभ्यर्थी गांधी मैदान में एक जुट हुए। हालांकि, पुलिस ने यहां छात्रों को एकजुट होने की इजाजत नहीं दी थी मगर जन सुराज के संयोजक प्रशांत कशोर (Prashant Kishor) ने छात्रों को छात्रों को एकजुट होने को कहा था। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक सभी अभ्यर्थी प्रशांत किशोर की अगुवाई में सीएम हाउस जाना था। मगर पुलिस ने इन्हें पहले रोक लिया।
70वीं BPSC प्रीलिम्स दोबारा कराने की मांग को लेकर BPSC अभ्यर्थियों का पटना के गांधी मैदान में विरोध प्रदर्शन में जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर भी शामिल हुए। छात्रों के साथ बातचीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा, “सरकार के प्रशासनिक अधिकारी यहां मौजूद थे, उन्होंने हमारे साथियों से बात की है और आश्वासन दिया है कि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि छात्रों की 5 सदस्यीय कमेटी अभी मुख्य सचिव से बात करेगी ताकि उनकी समस्याओं और मांगों पर कुछ निर्णय लिया जा सके।
प्रशांत किशोर ने छात्रों को दिया बड़ा आश्वासन
प्रशांत किशोर ने छात्रों को आश्वासन दिया कि अगर मुख्य सचिव से बात करने के बाद BPSC अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होते हैं तो कल, सोमवार सुबह सभी एक साथ बैठेंगे। मैं छात्रों से अनुरोध करूंगा कि अभी ऐसा कुछ न करें जो कानून सम्मत न हो। अगर फैसला छात्रों के पक्ष में नहीं होता है, अगर छात्रों के साथ कोई अन्याय होता है तो हम पूरी ताकत से उनके साथ खड़े रहेंगे। प्रशासन में दम नहीं कि हम पर लाठी चलाए और लाठी चलाना किसी समस्या का समाधान नहीं है।
BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस का लाठीचार्ज
इधर, सीएम आवास का घेराव करने के लिए जैसे ही BPSC अभ्यर्थी गांधी मैदान से आगे बढ़ें तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बाद में पुलिस आगे बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है।। पुलिस ने छात्रों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ देर के लिए राजधानी पटना का गांधी मैदान रण क्षेत्र में तब्दील हो गया। पुलिस और छात्र आमने-सामने हो गए।
पूरे मामले में SP ने क्या कहा?
पटना सेंट्रल SP स्वीटी सहरावत ने कहा, “लाठीचार्ज नहीं हुआ, अभ्यर्थियों से बार-बार यहां से हटने का अनुरोध किया गया। हमने उनसे कहा कि वे अपनी मांगें हमारे सामने रखें, हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन वे अड़े रहे। अभ्यर्थियों द्वारा प्रशासन के साथ धक्का-मुक्की की गई। अंत में हमें मजबूरन वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। उसमें भी हम बीच में आए और उन्हें हटाया, लेकिन तब भी वे नहीं हटे। अब हम जगह खाली करवा रहे हैं।