Manmohan Singh funeral: भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने शनिवार को यहां निगमबोध घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। वांगचुक ने निगमबोध घाट पर सिंह के अंतिम संस्कार से पहले उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।
भारत में आर्थिक सुधारों के जनक कहे जाने वाले पूर्व वित्त मंत्री और दो बार प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का बृहस्पतिवार को निधन हो गया था। वह 92 साल के थे। सिंह 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। प्रधानमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल में भूटान और मॉरीशस सहित कई प्रमुख देशों के साथ भारत के संबंधों में उल्लेखनीय सुधार हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी निगमबोध घाट पर सिंह के अंतिम संस्कार से पहले उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पंचतत्व में विलीन हुए मनमोहन सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। आर्थिक सुधारों के जनक, राजनीति में सादगी और सौम्यता के प्रतीक बने मनमोहन सिंह का दिल्ली के निगमबोध घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है। पूरे देश ने नम आंखों से पूर्व प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई दी। हमेशा नीली पगड़ी पहनने वाले मनमोहन सिंह का गुरुवार देर शाम निधन हुआ था। वो 92 साल के थे।
दिल्ली के निगमबोध घाट पर मनमोहन सिंह का सिख धर्म के अनुष्ठानों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को चंदन की लकड़ी की चिता पर रखा गया। पूर्व प्रधानमंत्री की बेटी ने मनमोहन सिंह की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री को 21 तोपों की सलामी दी गई। मनमोहन सिंह की अंत्येष्टि के समय उनकी पत्नी गुरशरण कौर, तीनों बेटियां और कई रिश्तेदार मौजद थे।