चाहे वह 1991 का आर्थिक संकट हो या फिर 2004 से 2014 के बीच उनका प्रधानमंत्री का कार्यकाल, भारतीय शेयर बाजार ने इस दौरान न सिर्फ ऐतिहासिक छलांग लगाई, बल्कि यह दुनिया भर के निवेशकों के लिए निवेश का सबसे पसंदीदा जगह भी बन गया। मनमोहन सिंह 26 दिसंबर को 92 वर्ष की आयु में हमसे विदा हो गए। उनके आर्थिक सुधारों और नीतियों ने भारतीय शेयर बाजार को कैसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, आइए इसे समझते हैं।