उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को कहा कि कुछ ताकतें भारत की प्रगति को पचा नहीं पा रहीं और इसे खंडित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीयता हमारी पहचान है और हम राष्ट्रवाद से कभी समझौता नहीं कर सकते। धनखड़ यहां सोहन सिंह स्मृति कौशल विकास केंद्र के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, “कुछ ऐसी ताकतें हैं देश में और बाहर… जो भारत की प्रगति को पचा नहीं पा रहीं। देश को खंडित करने का, देश को विभाजित करने का, देश की संस्थाओं को अपमानित करने का काम सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ अब सपना नहीं बल्कि लक्ष्य है। यह लक्ष्य निश्चित रूप से प्राप्त होगा।
एक बयान के अनुसार धनखड़ ने कहा, “हम भारतीय हैं, भारतीयता हमारी पहचान है। राष्ट्रवाद से हम कभी समझौता नहीं कर सकते। यह राष्ट्रवाद में निहित्त है कि देश का हर व्यक्ति अपने आप को समृद्ध और सुखी पाये और यह तभी संभव है, जब हमारी सोच कुटीर उद्योगों, ग्रामीण उद्योगों जाए।”
इसे भी पढ़ें: ‘आप लेडी किलर हो…’, लोकसभा में तीखा नोंकझोंक, भिड़े TMC और BJP सांसद