Bahraich Wolf Attack: उत्तर प्रदेश के बहराइच में बचे हुए दो भेड़ियों को पकड़ने के लिए ‘ऑपरेशन भेड़िया’ जारी रखने के बीच भेड़ियों के एक अन्य हमले में 3 साल की बच्ची की मौत हो गई और दो अन्य महिलाएं घायल हो गईं। इससे स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने प्रशासन पर अपने काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
महासी सिविल हेल्थ सेंटर के प्रभारी ने कहा कि कल देर रात भेड़िए के हमले में तीन साल की बच्ची की मौत हो गई और दो अन्य महिलाएं घायल हो गईं। डीएफओ बहराइच अजीत प्रताप सिंह फिलहाल मौके पर हैं और भेड़िए को पकड़ने के लिए थलिया गांव में तलाशी अभियान चला रहे हैं। मृतक बच्ची की मां ने एएनआई को बताया कि ये घटना सोमवार को सुबह 03:35 बजे हुई। महिला का रो-रोकर बुरा हाल है।
आधी रात को देखा तो बच्ची गायब- पीड़ित महिला
मृतक बच्ची की मां का कहना है कि ‘ये घटना सुबह 3:35 बजे की है। जब मेरी 6 महीने की बच्ची आधी रात को उठी तो मैंने देखा कि मेरी बेटी वहां नहीं है। मेरी बच्ची के दोनों हाथ भेड़िए ने काट लिए हैं। हम दिनभर मजदूरी करके बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। हम उसके पीछे भागे लेकिन वो भाग गया। हम गरीब हैं इसलिए घर में दरवाजे नहीं लगवा पा रहे हैं।’
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लोगों ने प्रशासन पर लगाए आरोप
उसकी पड़ोसी ने बताया कि उन्होंने कई बार भेड़िया देखा है, लेकिन जब भी वन विभाग को फोन किया तो उन्होंने वीडियो सबूत मांगा। पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति का कहना है, ‘हम जाग रहे थे। जब वो (भेड़िया) पहली बार हमारे घर आया तो हमें लगा कि ये कोई कुत्ता है, इसलिए हमने चिल्लाकर उसे भगाया। बाद में मैंने देखा कि वो खेत की ओर भाग गया, तो मैंने चिल्लाकर पूछा कि क्या किसी का बच्चा गायब है। तब उन्होंने कहा कि उनकी बेटी गायब है। हमने परसों उसे खेत में घेर लिया और जब हमने वन विभाग को फोन किया तो उन्होंने हमसे वीडियो मांगा। हमें वीडियो कहां से मिला? हम बार-बार शिकायत कर रहे हैं कि हमने भेड़िया देखा है। जब तक हम मोबाइल निकालते हैं, तब तक वह गायब हो जाता है।’
थलिया गांव के एक स्थानीय व्यक्ति ने भी कहा कि उन्होंने जानवर के पैरों के निशान दिखाए हैं, लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘वो कह रहे हैं कि हम ड्रोन के जरिए निगरानी कर रहे हैं। हमने वीडियो बनाया है, लेकिन प्रशासन बस बैठा हुआ है।’ एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि प्रशासन डेढ़ घंटे बाद आया और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी।
भेड़ियों ने प्रशासन के पसीने उड़ाए
बहराइच की डीएम मोनिका रानी ने कहा कि भेड़िए को पकड़ने में अधिकारियों को परेशानी हो रही है, क्योंकि वो लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। उन्होंने कहा, ‘इस अभियान में सबसे बड़ी समस्या ये है कि हर बार एक नया गांव चुना जा रहा है। भेड़िया हर 5-6 दिन में अपनी गतिविधि बदल देता है। वन विभाग पूरी कोशिश कर रहा है।’ जिला मजिस्ट्रेट मोनिका रानी ने लोगों से घरों के अंदर रहने और सतर्क रहने का अनुरोध किया।
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