(खबरें अब आसान भाषा में)
संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवीय सहायता अधिकारी ने बुधवार को चेतावनी दी कि अनगिनत अन्तहीन संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून की घोर उपेक्षा की वजह से, अगले वर्ष 30.5 करोड़ लोगों को जीवनरक्षक सहायता की आवश्यकता पड़ेगी.