Tamil Nadu Flood: उत्तरी तमिलनाडु का विल्लुपुरम जिला अभूतपूर्व बाढ़ से जूझ रहा है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार को क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित लोगों से बात कर उन्हें राहत सामग्री वितरित की। विल्लुपुरम से होकर गुजरने वाली सभी रेल सेवाओं के अस्थायी रूप से निलंबित हो जाने से सैकड़ों यात्री प्रभावित हुए हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने स्थिति में सुधार होने पर सुरक्षा मानदंडों का पालन करते हुए सेवाओं को फिर से शुरू करने का संकेत दिया है। विल्लुपुरम और उसके आसपास के प्रमुख चेन्नई-तिरुचिरापल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि उत्तर तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी के ऊपर पहुंचा चक्रवाती तूफान ‘फेंगल’ सोमवार को कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील हो गया। विल्लुपुरम शहर, आस-पास के कस्बे और गांव भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं और बाढ़ का पानी निचले इलाकों में चला गया है। एक पुल का हिस्सा बह जाने के कारण तिरुवन्नामलाई जिले में अरनी के निकट कई गांवों का संपर्क टूट गया। विल्लुपुरम में विक्रवंडी और मुंडियामपक्कम के बीच एक मुख्य पुल पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण दक्षिणी रेलवे ने सोमवार सुबह उस प्रमुख खंड पर परिचालन स्थगित करने की घोषणा की। इसके परिणामस्वरूप एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों सहित कई सेवाओं को रद्द किया गया, कुछ का मार्ग परिवर्तित किसर गया और कुछ ट्रेनों को कुछ समय के लिए रोक दिया गया।
थेनपेन्नई नदी उफान पर
विल्लुपुरम चेन्नई, राज्य के अन्य उत्तरी भागों और तमिलनाडु के मध्य एवं दक्षिणी क्षेत्रों के बीच आसान संपर्क है, जहां बेहतर ‘कनेक्टिविटी’ है। थेनपेन्नई नदी उफान पर है और उत्तरी तटीय शहर कुड्डालोर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कृषि मंत्री एमआरके पनीरसेल्वम ने क्षेत्र का दौरा किया। पश्चिमी जिले धर्मपुरी और कृष्णगिरि जिले भी बाढ़ की चपेट में हैं। कृष्णगिरि में पिछले दो से तीन दशकों में अभूतपूर्व बाढ़ आई और कार एवं वैन सहित कई वाहन बाढ़ के पानी में बहकर निचले इलाकों में चले गए। बाढ़ के कारण उथंगराई से कृष्णगिरि और तिरुवन्नामलाई जैसे शहरों तक सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो गया है।
फेंगल चक्रवात कमजोर हुआ
आईएमडी ने कहा, ‘‘उत्तर तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी पर चक्रवाती तूफान ‘फेंगल’ के कारण बना कम दबाव का क्षेत्र लगभग पश्चिम की ओर बढ़ गया और आज दो दिसंबर, 2024 को सुबह साढ़े पांच बजे तक यह उत्तर आंतरिक तमिलनाडु में कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में तब्दील हो गया। शेष निम्न दबाव क्षेत्र तीन दिसंबर 2024 के आसपास उत्तर केरल-कर्नाटक तटों से दूर दक्षिण-पूर्व और आसपास के पूर्व-मध्य अरब सागर में उभरने की संभावना है।’’