बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने सोमवार को कहा कि वह अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन सहयोगियों के बीच जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए एक अभियान शुरू करेगा जो एक महीने से ज्यादा वक्त तक चलेगा।
जनता दल (यू) के पटना स्थित मुख्यालय में सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में इस आशय की घोषणा की गई। इस पत्रकार वार्ता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के प्रमुख एवं मंत्री दिलीप जायसवाल समेत राजग के घटक दलों के नेता शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि राजग में शामिल सभी पांचों दलों के प्रदेश अध्यक्ष घटक दलों के कार्यकर्ताओं से बातचीत करने के लिए विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे। यह संवाद पंचायत स्तर तक होगा।
कुशवाहा ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर राजग की बैठक के बाद यह कार्यक्रम तैयार किया गया। उनके मुताबिक, बैठक में मुख्यमंत्री ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 225 से अधिक सीट जीतने का लक्ष्य दिया है।
बिहार में राजग में अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अलावा जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा भी शामिल है। प्रेस वार्ता में इन सभी पार्टियों के प्रदेश अध्यक्ष मौजूद थे।
उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस के बारे में पूछे गए सवालों को टाल दिया। माना जाता है कि पशुपति कुमार पारस अपने भतीजे चिराग को राजग में अधिक महत्व दिये जाने के कारण नाराज हैं और उनके राजग से अलग होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
जायसवाल ने कहा, “इस मुद्दे पर बयान देने के लिए दिल्ली में हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व ही सक्षम है।”
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