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वैभव का कहना है कि अब इतने करेक्शन के बाद लगता है कि थोड़ा कंसोलीडेशन का दौर आना चाहिए। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर बात करते हुए वैभव सांघवी ने कहा कि दूसरी तिमाही में निजी बैंकों के नतीजे अच्छे रहे है। इनका वैल्युएशन भी आकर्षक है