मुखर्जी ने हालांकि यह कहा था कि बहुत ज्यादा ग्रोथ लंबे समय तक जारी नहीं रह सकती। उन्होंने प्रॉफिट बढ़ाने की कंपनी की क्षमता के बारे में भी बताया था। उन्होंने इसमें मौजूदा स्तर से करीब 15-20 फीसदी तक बढ़ाने का टारगेट रखा था। कंपनी के विस्तार की स्ट्रेटेजी में अधिग्रहण भी शामिल है। कंपनी ने 615 रुपये में जिंदल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिग्रहण किया था। यह डील पूरी तरह से कैश में हुई थी।