गुप्ता का कहना है कि अगर किसी इनवेस्टर के पोर्टफोलियो में सिल्वर नहीं है तो वह धीर-धीरे चांदी में निवेश कर सकता है। इससे उसकी खरीद अलग-अलग कीमत पर होगी, जिससे औसत खरीद मूल्य कम रहेगी। हालांकि, आनंदराठी वेल्थ के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर आदिल चाको की सोच इससे अलग है। उनका कहना है कि लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए चांदी में निवेश जरूरी नहीं है। उनका कहना है कि चांदी में ऐतिहासिक रूप से सालाना करीब 30-32 फीसदी का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह निफ्टी 50 के 17-18 फीसदी के मुकाबले ज्यादा है।