कमजोर नतीजों के बीच कंपनी ने रिसर्च पर खर्च में कटौती नहीं की। तिमाही में सिप्ला ने रिसर्च और डेवलपमेंट पर 423 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कुल बिक्री का 5.7 फीसदी है। यह खर्च मुख्य तौर पर प्रोडक्ट फाइलिंग और अहम डेवलपमेंट प्रोग्राम्स पर किया गया। कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है। सिप्ला के पास 9,823 करोड़ रुपये का नेट कैश है। कंपनी के कर्ज में मुख्य तौर पर लीज देनदारियां और वर्किंग कैपिटल की जरूरतें शामिल हैं।