नेपाल प्रीमियर लीग का यह विवाद अब इस बात पर निर्भर करता है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के NOC को लेकर स्थिति कब स्पष्ट होती है। अब देखना होगा कि क्या आयोजकों तथा PCB के बीच कोई सहमति बन पाती है। यदि खिलाड़ियों को समय पर अनुमति नहीं मिलती, तो संबंधित फ्रेंचाइजी को अपनी टीम योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। दूसरी ओर, यदि कथित शुल्क की मांग की पुष्टि होती है, तो विदेशी टी20 लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी की लागत और अनुमति प्रक्रिया पर व्यापक चर्चा हो सकती है। इसलिए पूरे मामले में PCB का आधिकारिक बयान का इंतजार है।