अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग के तीन सदस्य डीए के मसले की समीक्षा करने के बाद सरकार को इस बारे में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। उधर, सरकार डीए की व्यवस्था में किसी तरह की बदलाव की सिफारिश को मंजूरी देने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहेगी कि उसकी वित्तीय स्थिति पर इस बदलाव का प्रतिकूल असर ना पड़े। क्रूड की कीमतें लगातार हाई लेवल पर बने रहने से पहले से ही सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ा है।