चुनाव अधिकारियों के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर वोटर लिस्ट में मौजूद गलत नामों और पारिवारिक डिटेल्स की जांच कर आवश्यक सुधार करना है। वहीं, दूसरी ओर यह सुनिश्चित करना है कि किसी पात्र मतदाता का नाम या गलत डिटेल्स उसके मतदान के अधिकार में बाधा न बने। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ग्रेजुएट और टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों की वोटर लिस्ट तैयार करने में ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल एक बड़ा बदलाव है। लेकिन इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल व्यवस्था के साथ-साथ सही डेटा दर्ज करने, दस्तावेजों का वेरिफाई करने और गलतियों को समय रहते पकड़ने की प्रक्रिया भी मजबूत होनी चाहिए।