सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर द इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया है कि पहली प्राथमिकता अगले एक साल में इन चार बैंकों में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाना है। हालांकि बैंक अपनी-अपनी रणनीतियों के अनुसार बाजार से फंड जुटा सकते हैं, लेकिन सरकार बाजार की स्थितियों को देखते हुए 'ऑफर फॉर सेल' के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार करेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि पब्लिक फ्लोट अधिक होने से इन बैंकों के वैल्यूएशन में भी सुधार होने की उम्मीद है।