इक्विरस वेल्थ में मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में बाहरी कारणों की वजह से गिरावट का दौर जारी रहा। पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं, जिसके चलते घरेलू शेयर बाजारों में फिर से बिकवाली का दबाव देखने को मिला। एशियाई और यूरोपीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और डॉलर के मुकाबले रुपये में आई भारी गिरावट ने बाजार के सेंटीमेंट को और खराब कर दिया। हालांकि अब तक कंपनियों के नतीजे मिले-जुले रहे हैं, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की चिंता और FIIs की ओर से हो रही लगातार बिकवाली निवेशकों का रुझान सुरक्षित माने जाने वाले डॉलर एसेट्स की ओर बढ़ा सकती है।