विजयादशमी के दिन मंदिर के दरवाजे खुलते हैं और भक्त यहां आशीर्वाद लेने आते हैं। वे अक्सर बुद्धि, शक्ति और ज्ञान के लिए प्रार्थना करते हैं। इस मौके पर एक विशेष आरती की जाती है। यह रस्म छोटी है, लेकिन बहुत अनोखी है। दशहरा की सुबह प्रार्थना और विशेष आरती के लिए मंदिर जल्दी खुल जाता है। दिन भर की रस्मों के बाद मंदिर के दरवाजे फिर से बंद हो जाते हैं और प्रतिमा अगली विजयादशमी तक वापस ढकी हुई अवस्था में आ जाती है।