योरोपीय संघ के 14 देशों में हुए एक सर्वेक्षण दर्शाता है कि केवल 15 प्रतिशत लोगों को ही यह जानकारी है कि शराब सेवन से स्तन कैंसर तक हो सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ऐल्कॉहॉल असल में सात प्रकार के कैंसर और हृदय व लिवर सम्बन्धी बीमारियों की भी वजह बन सकता है. यूएन एजेंसी ने इन्हीं जोखिमों की पहचान व परामर्श के लिए एक नया डिजिटल प्लैटफ़ॉर्म शुरू किया है.
कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) पर आधारित यह प्लैटफ़ॉर्म, सिलसिलेवार सवाल-जवाब के ज़रिए मरीज़ों से शराब सेवन के बारे में बातचीत करने और उससे होने वाले कैंसर समेत अन्य जोखिमों को पहचानने में मदद करेगा. डॉक्टर और नर्स कुछ ही मिनटों में यह पता लगा सकेंगे कि मरीज़ों से शराब के सेवन पर किस तरह से बात की जाए.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने चिन्ता जताई है कि लोगों में शराब सेवन से जुड़े स्वास्थ्य ख़तरों के प्रति जागरूकता की कमी है. योरोपीय क्षेत्र के लिए WHO सलाहकार, डॉक्टर कैरिना फ़ेरेरा-बोर्जेस ने बताया कि शराब के सेवन से होने वाले नुक़सान काल्पनिक नहीं हैं."
"इससे हृदय और लिवर की बीमारियाँ, चिन्ता व अवसाद जैसी समस्याएँ हो सकती हैं. गर्भ में पल रहे शिशु पर भी असर पड़ सकता है. महिलाओं को स्तन कैंसर हो सकता है, जबकि उन्हें शायद कभी बताया ही नहीं गया कि शराब के सेवन से इसका ख़तरा बढ़ता है.”
डॉक्टर फ़ेरेरा-बोर्जेस ने बताया कि शराब के सेवन से जुड़े जोखिमों की जाँच और परामर्श कारगर उपाय हैं, बशर्ते के स्वास्थ्यकर्मी इस विषय पर खुलकर बात कर सकें.
“शराब हमारी संस्कृति और सामाजिक जीवन में इतनी रची-बसी हुई है कि डॉक्टर और नर्स भी मरीज़ों से इसके सेवन के बारे में पूछने में झिझकते हैं, ख़ासतौर पर जब मरीज़ किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या के लिए आया हो.”
इस नए एआई प्लैटफ़ॉर्म की सहायता से इस विषय पर चर्चा को नियमित स्वास्थ्य देखभाल का हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा कि समय की कमी, पर्याप्त प्रशिक्षण का अभाव और बिना किसी पूर्वाग्रह के बातचीत कर पाने में कठिनाई की वजह से बीमारियों की रोकथाम के अवसर छूट जाते हैं.
WHO के अनुसार, स्वास्थ्य जाँच के दौरान धूम्रपान, व्यायाम और खानपान पर तो चर्चा होती है, लेकिन शराब के सेवन पर अक्सर बात नहीं होती.
अनेक स्वास्थ्यकर्मियों को अत्यधिक शराब पीने से जुड़ी समस्याओं की पहचान करने का प्रशिक्षण मिलता है, लेकिन नियमित सेवन के ख़तरों की उनकी जानकारी सीमित हो सकती है.
डॉक्टर फ़ेरेरा-बोर्जेस ने कहा कि, “उच्च रक्तचाप या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीज़ों से भी डॉक्टर शायद ही कभी शराब के सेवन के बारे में पूछते हैं, जबकि इन समस्याओं में इसकी अहम भूमिका हो सकती है.”
डॉक्टर फ़ेरेरा-बोर्जेस ने कहा, “शराब के सेवन का सम्बन्ध 200 से अधिक बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं से है. इस बारे में लगातार नए वैज्ञानिक प्रमाण सामने आ रहे हैं, जिनकी जानकारी रखना आसान नहीं है.”
योरोपीय क्षेत्र में WHO कार्यालय द्वारा पेश किया गया नया डिजिटल प्लैटफ़ॉर्म, जाँच के साथ-साथ संक्षिप्त परामर्श भी मुहैया कराएगा.
इसमें वैज्ञानिक जानकारी, ज़रूरी दिशानिर्देश और व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से स्वास्थ्यकर्मी, मरीज़ों को शराब के सेवन से जुड़े ख़तरों के बारे में आसानी से समझा सकते हैं.
स्वास्थ्यकर्मी, 10 सवालों के ज़रिए मरीज़ों के लिए इन जोखिमों का आकलन किया जा सकता है. साथ ही, एआई सहायक से मरीज़ों के साथ बातचीत के तरीक़ों और ज़रूरी दिशानिर्देशों की जानकारी ली जा सकती है.
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