ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे एक असाइनमेंट सबमिट न हो पाने की वजह से देश में डिजिटल क्रांति का विचार उपजा। उन्होंने बताया, 'बात 2009-2010 की है। आकाश और मैं अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे और छुट्टियों में बॉम्बे वाले घर आए हुए थे। मुझे अपना एक कॉलेज असाइनमेंट ऑनलाइन सबमिट करना था, लेकिन इंटरनेट न चलने की वजह से मैं उसे जमा नहीं कर सकी।'