दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति से जुड़ा मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को उस याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा, जिसमें जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटाने के फैसले को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान पूर्व जज और वरिष्ठ वकील मुक्ता गुप्ता ने दलील दी कि प्रदर्शन के लिए ऐसी जगह तय होनी चाहिए, जहां लोगों की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंच सके। इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी की बात सुने जाने के मायने को तकनीक के नजरिए से भी समझने की जरूरत है।