सितंबर तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन 23.8 फीसदी रहा। हालांकि, एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग पर कंपनी का खर्च 46 फीसदी बढ़ गया। इसकी वजह यह है कि कंपनी ने अपने ब्रांड्स पर निवेश बढ़ाया है। तिवारी ने कहा, "बढ़ता इनफ्लेशन खासकर फूड इनफ्लेशन एक सच्चाई है। कमोडिटी की बढ़ती कॉस्ट से निपटने के लिए कंपनी इनोवेशन, प्रोडक्टविटी बढ़ाने और ऑपरेशनल एफिशियंसीज पर फोकस करेगी।"