संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन, युद्ध, बढ़ती भुखमरी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से बदलती दुनिया में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पहले से कहीं अधिक अहम हो गई है. उन्होंने वर्ष 2027 के लिए 3.3 अरब डॉलर का बजट प्रस्ताव पेश किया है, जोकि 2026 के स्वीकृत बजट से 4.8 करोड़ डॉलर कम है.
महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की पाँचवीं समिति को सम्बोधित करते हुए कहा, "हमारे सामने गम्भीर चुनौतियाँ हैं." इस समिति पर प्रशासनिक और बजट सम्बन्धी मामलों का दायित्व है.
"भूराजनैतिक मतभेद गहरा रहे हैं, कई क्षेत्रों में हिंसक टकराव जारी हैं और मानवीय सहायता की ज़रूरतें बढ़ रही हैं. अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन हो रहा है, जलवायु परिवर्तन हर महाद्वीप को प्रभावित कर रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अर्थव्यवस्थाओं व समाजों को बदल रही है."
उन्होंने आगाह किया कि सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करना भी लगातार कठिन होता जा रहा है.
महासचिव ने कहा, "अनिश्चितता और विभाजनों के इस दौर में, दुनिया को संयुक्त राष्ट्र की ज़रूरत पहले से कहीं अधिक है."
महासचिव का पूरा वक्तव्य यहाँ उपलब्ध है.
महासचिव ने सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को बताया कि यूएन80 पहल शुरू हुए एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है और इसके तहत व्यापक सुधारों पर अमल शुरू हो गया है.
"आपके सहयोग से शुरू किए गए इन सुधारों का उद्देश्य, संयुक्त राष्ट्र सचिवालय को अधिक कुशल और प्रभावी बनाना है, ताकि वह तेज़ी से बदलती दुनिया की ज़रूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सके."
यूएन80 पहल के तहत हुई प्रगति का ब्यौरा देते हुए महासचिव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सचिवालय अब प्रस्तावों को अमल में ला रहा है.
महासचिव ने बताया कि कर्मचारियों को स्वैच्छिक समयपूर्व सेवा छोड़ने और अन्य पदों पर नियुक्ति के विकल्प दिए गए. इससे कटौती का असर आशंका से कहीं कम रहा. वित्तीय कमी की आशंका को देखते हुए डेढ़ वर्ष पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर दी गई थी.
महासचिव ने वर्ष 2027 में संयुक्त राष्ट्र की 12 संस्थाओं के कुछ और पदों को अन्य स्थानों पर स्थानान्तरित करने का प्रस्ताव दिया है. सबसे अधिक पद केनया की राजधानी नैरोबी भेजे जाएंगे.
उन्होंने कुछ उच्चस्तरीय पदों को समाप्त करने, 14 वरिष्ठ पदों का दर्जा घटाने और साझा प्रशासनिक सेवाओं का विस्तार जिनीवा, नैरोबी, विएना और अदीस अबाबा में करने का भी प्रस्ताव रखा.
महासचिव ने बताया कि पहली बार बजट में कर्मचारियों और अन्य ख़र्चों की अनुमानित लागत पहले ही शामिल की गई है, ताकि बाद में दोबारा इसका आकलन न करना पड़े.
महासचिव ने आगाह किया कि "केवल कामकाज में सुधार से संयुक्त राष्ट्र का वित्तीय संकट दूर नहीं होगा."
उन्होंने कहा कि यूएन चार्टर के अनुसार, सदस्य देशों को अपनी वित्तीय ज़िम्मेदारियाँ पूरी तरह और समय पर निभानी होंगी."
महासचिव ने ज़ोर दिया कि सदस्य देशों द्वारा स्वीकृत अधिदेशों (mandate) को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को नियमित वित्तीय संसाधनों की ज़रूरत है. इसके लिए सदस्य देशों को अपना बक़ाया योगदान समय पर चुकाना होगा.
"इन सभी उपायों से संयुक्त राष्ट्र के नक़दी संकट से निपटने और सौंपे गए अधिदेशों को प्रभावी ढंग से पूरा कर पाने में मदद मिलेगी."
वर्ष 2027 की प्रस्तावित कार्ययोजना और बजट का विवरण यहाँ उपलब्ध है.