दोनों को दोषी ठहराते हुए जज ने इस घटना को "बेहद क्रूरतापूर्ण और नाटकीय कृत्य" बताया। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराधों का समाज पर गहरा और नकारात्मक असर पड़ता है। अदालत ने कहा कि इन दोनों व्यक्तियों द्वारा किया गया अपराध अक्षम्य है। उन्हें ऐसी कड़ी सजा मिलनी चाहिए जो एक मिसाल बने। इस सनसनीखेज मामले में कुल 126 सुनवाई हुईं, जो लगभग 16 महीनों तक चलीं। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 22 मुख्य गवाह पेश किए, जिनकी गवाहियों ने आरोपियों के अपराध को साबित कर दिया।कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को हत्या के साथ-साथ सबूत मिटाने और छिपाने का दोषी पाया गया है।