बाजार पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि बाजार को तेल की कीमतों और विकसित बाजारों में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से परेशानी हो रही है। हमें उम्मीद थी कि लंबे समय के अंडर परफार्मेंस के बाद भारत के वैल्यूएशंस बहुत ही अट्रैक्टिव हो गए थे ऐसे में एफआईआई की वापसी होनी चाहिए। लेकिन कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड में बढ़त ने हमारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया और इनकी वापसी टल गई। हालांकि घरेलू स्थिति काफी अच्छी है। जून तिमाही के नतीजे अच्छे रहे। काफी अनसर्टेनिटी के बावजूद कॉर्पोरेट्स ने अपनी मार्जिन मेंटेन रखी। डोमेस्टिक डिमांड ठीक चल रही है। लेकिन ऑयल प्राइस और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़त हमारे बाजार पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में बाजार की एक्सपेक्टेड रिकवरी शायद थोड़े महीनों के लिए पोस्टपोन हो गई है।