जय मेहता का कहना है कि Nifty 50 के मुकाबले Bank Nifty ने ज्यादा मजबूती दिखाई है। इसने 29 सितंबर को 53,800 के आसपास एक निचला स्तर बनाया और तब से ज्यादातर एक ही दायरे में बना हुआ है। यहां तक कि 1 अक्टूबर को,जब Nifty में तेज गिरावट आई, तब भी Bank Nifty मजबूती से टिका रहा। हाल के सेशन में जहां निफ्टी ने 52-वीक का नया निचला स्तर छुआ,वहीं बैंक निफ्टी अपने हालिया स्विंग लो से ऊपर बना रहा जो पॉज़िटिव रिलेटिव स्ट्रेंथ दिखाता है। कुल मिलाकर स्थिति अभी भी मंदी वाली (bearish) है,लेकिन जब तक इंडेक्स 53,750 के ऊपर बना रहता है, तब तक और कंसोलिडेशन की संभावना है।