नाना पाटेकर का जन्म एक सम्पन्न परिवार में हुआ था, लेकिन पिता के एक करीबी ने धोखे से उनका पूरा बिजनेस हड़प लिया। परिवार सड़क पर आ गया। 13 साल की उम्र में नाना को काम करना पड़ा। वह स्कूल के बाद 8 किलोमीटर पैदल चलकर चुनाभट्टी में फिल्मों के पोस्टर पेंट करते थे, जिसके लिए उन्हें महीने के सिर्फ 35 रुपये और एक वक्त का खाना मिलता था। उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता अक्सर कहते थे – "बच्चों के खाने के दिन हैं और मेरे पास कुछ नहीं है।" इसी सदमे में जब नाना 28 साल के थे, उनके पिता का हार्ट अटैक से निधन हो गया।