विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रूस में एक प्लेग शोध संस्थान में एक कर्मचारी की गम्भीर न्यूमोनिया संक्रमण से मौत होने के मामले और उसके बाद लागू किए गए स्वास्थ्य उपायों पर और अधिक जानकारी देने का अनुरोध किया है.
इस बीच, समाचार माध्यमों में एक अन्य कर्मचारी के न्यूमोनिया से संक्रमित होने की ख़बरें हैं. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने रूस को पड़ताल के लिए तकनीकी समर्थन की पेशकश की है.
2 अक्टूबर को, साइबेरिया के इरकुत्स्क इलाक़े में प्लेग बीमारी पर शोध करने वाले एक संस्थान में कार्यरत एक शोधकर्ता की मौत हो गई थी. उसके बाद स्थानीय प्रशासन यह पड़ताल करने में जुटा है कि कहीं उस महिला कर्मचारी की मौत न्यूमोनिक प्लेग के कारण तो नहीं हुई.
इस प्रयोगशाला में प्लेग समेत अन्य ख़तरनाक रोगाणुओं (pathogens) का अध्ययन किया जाता था.
रूसी स्वास्थ्य एजेंसियों ने कहा है कि साइबेरिया क्षेत्र में प्लेग का कोई संक्रमण मामला नहीं है और ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि न्यूमोनिक प्लेग की वजह से उस कर्मचारी की मौत हुई है.
प्लेग एक गम्भीर संक्रामक रोग है, जोकि ‘येरसिनिया पेस्टिस’ नामक बैक्टीरिया की वजह से फैलता है. यह आम तौर पर छोटे स्तनधारियों और उनके पिस्सुओं में पाया जाता है. बैक्टीरिया द्वारा फेफड़ों को संक्रमित किए जाने की वजह से न्यूमोनिक प्लेग होता है.
WHO ने बताया है कि प्लेग संक्रमण का यह रूप विशेष रूप से संक्रामक है, और साँस लेते समय, ख़ाँसते, छींकते, बात करते हुए निकलने वाले कणों के ज़रिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलकर गम्भीर महामारी का कारण बन सकता है.
यूएन एजेंसी के अनुसार, न्यूमोनिक प्लेग के मामले में यदि बीमारी शुरू होने के 18 से 24 घंटों के भीतर उपचार न मिलने की स्थिति में यह जानलेवा साबित हो सकता है.
हालांकि, एंटरोबैक्टीरिया (enterobacteria) के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली सामान्य एंटीबायोटिक दवा की मदद से, शुरुआत में समय रहते इसका प्रभावी इलाज किया जा सकता है.
स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2019 से 2025 के दौरान, 10 देशों में लगभग चार हज़ार संक्रमण मामले दर्ज किए गए हैं और 423 लोगों की जान गई है.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को सोशल मीडिया पर अपने एक सन्देश में बताया कि इस घटना के बाद से ही, संगठन जानकारी हासिल करने में जुटा है.
गम्भीर न्यूमोनिया की शिकायत के बाद महिला कर्मचारी को भर्ती कराया गया था. आरम्भिक मीडिया रिपोर्ट में, लैब में दुर्घटनावश वायरस की चपेट में आने की वजह से न्यूमोनिक प्लेग की आशंका व्यक्त की गई थी.
डॉक्टर टैड्रॉस ने बताया कि रूसी स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, इरकुत्स्क में अभी प्लेग का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.
महामारी सम्बन्धी जाँच की गई है, रोकथाम व नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं और संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए लोगों की निगरानी व परीक्षण किए जा रहे हैं. रूसी प्रशासन ने बताया है कि फ़िलहाल किसी प्रकार के रोगाणु का पता नहीं चला है.