केंद्रीय मंत्री ने बताया कि, इन पांच शावकों के जन्म के साथ भारत में बोत्सवाना वंश की भी शुरुआत हुई है, क्योंकि इनके पिता बोत्सवाना के नर चीता हैं। इससे भारत में बढ़ रही चीतों की आबादी में एक नया जेनेटिक वंश जुड़ गया है। भारत की धरती पर चीतों की एक और पीढ़ी का जन्म देश में चीतों को फिर से बसाने की शानदार कहानी में एक नया और खूबसूरत अध्याय जोड़ता है। भूपेंद्र यादव ने इस सफलता के लिए पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ, अधिकारियों और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन सभी की मेहनत, लगन और लगातार किए गए प्रयासों की वजह से यह उपलब्धि हासिल हो सकी है।