जापान ने क्षेत्रीय रुझान के विपरीत प्रदर्शन किया। निक्केई (Nikkei) में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त हुई, जिसमें सेमीकंडक्टर से जुड़े शेयरों ने तेजी दिखाई। US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में मजबूती देखी गई, जिसमें S&P 500 और नैस्डैक (Nasdaq) फ्यूचर्स दोनों में लगभग 0.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि बाहरी हालात मिले-जुले बने हुए हैं, जिससे भारतीय शेयर बाज़ार ग्लोबल ब्याज दरों और एनर्जी मार्केट में होने वाले बदलावों के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि हाल के हफ़्तों में US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में तेज़ी से बढ़ोतरी ने ग्लोबल फाइनेंशियल स्थितियों को कड़ा कर दिया है और जोखिम लेने की क्षमता पर असर डाला है।