अगर आप पहली बार वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने जा रहे हैं, तो आपके लिए एक जरूरी अपडेट है। दरअसल, जिन 20 राज्यों में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) का काम पूरा हो चुका है, वहां नए वोटरों को अब वोटर लिस्ट में अपने माता-पिता के नाम या जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव आयोग ने 'Form 6' में बदलाव किया है, ताकि इन राज्यों में आवेदन करने वाले लोग माता-पिता और दादा-दादी की जानकारी मांगने वाले SIR से जुड़े अतिरिक्त घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) के बिना ही फॉर्म जमा कर सकें। हालांकि, जिन राज्यों में SIR का काम अभी भी चल रहा है, वहां नए वोटरों को यह घोषणा-पत्र जमा करना जारी रखना होगा।