शेयर बाजार की स्थिति बीते दो साल से डांवाडोल बनी हुई है। इस दौरान बाजार ने निवेशकों को निराश किया है। लेकिन, यह सिर्फ दो साल की बात है। लंबी अवधि में मार्केट का रिटर्न दूसरे एसेट क्लास से ज्यादा रहता है। इसलिए पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा शेयरों में निवेश करने में कोई खराबी नहीं है। लेकिन, शेयरों में 100 फीसदी निवेश ठीक नहीं है। इसका मतलब है कि आपको अपना पूरा पैसा सिर्फ शेयरों या म्चूअल फंड की इक्विटी स्कीम में नहीं लगाना चाहिए।