जेल से बाहर आने के बाद शालू मिनोचा ने अपने ससुर विनीत की हत्या पर पहली बार चुप्पी तोड़ी है। 21 दिन जेल में बिताने के बाद रिहा हुईं शालू ने कहा कि उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनके पति अपने पिता की हत्या की साजिश रच रहे थे। रिहाई के बाद शालू ने 'आज तक' से कहा, "मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि मेरे पति यह सब प्लान कर रहे थे।" कोर्ट ने 50,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर शालू को रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें कथित साजिश से शालू को जोड़ने वाला कोई स्वतंत्र और विश्वसनीय सबूत नहीं मिला है। उन्हें बुलाए जाने पर कोर्ट या जांच अधिकारी के सामने पेश होना होगा।