सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें कि पैसा किस जरूरत के लिए चाहिए और कितने साल निवेश करना है। ऐसी SIP चुनें जिसकी किस्त हर महीने आसानी से भरी जा सके। जरूरत से ज्यादा निवेश करने से बचें। बाजार में गिरावट आने पर SIP बंद करने की जल्दबाजी न करें। लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर फंड न चुनें। फंड का प्रदर्शन, खर्च और पोर्टफोलियो समय-समय पर चेक करें। आय बढ़ने के साथ SIP की रकम भी बढ़ाते रहें। Step-up SIP से निवेश बढ़ता है और लक्ष्य जल्दी हासिल करने में मदद मिल सकती है।