यह घटना शाम करीब 5:30 बजे हुई। संयोग से उस समय वहां से गुजर रहे एक यात्री का कैमरा चल रहा था। उसकी रिकॉर्डिंग में पहाड़ का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिरता दिखाई देता है। कुछ ही देर में सड़क और नदी के आसपास का इलाका मलबे से भर गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मलबे ने कालीगंडकी की मुख्य धारा को रोक दिया। इसके बाद नदी ने अपना रास्ता बदलते हुए पुराने प्रवाह क्षेत्र की ओर कटान शुरू कर दिया। पानी के तेज बहाव से नदी के किनारों पर दबाव बढ़ा, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।