वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, असंगठित क्षेत्र और छोटे दुकानदारों को पेंशन सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए यह एक बेहद प्रभावी कदम है। फाइनेंशियल फर्म Floatr के सह-संस्थापक अमित एचएल का कहना है, 'आज के समय में ₹3,000 की मासिक पेंशन का कुछ मूल्य हो सकता है, लेकिन आज से दो-तीन दशक बाद महंगाई के कारण इसकी क्रय शक्ति कम हो जाएगी। इसलिए, जैसे-जैसे योजना आगे बढ़े, सरकार को समय-समय पर इस पेंशन राशि की समीक्षा करके इसे बढ़ाने पर भी विचार करना चाहिए ताकि यह लंबी अवधि में भी सार्थक बनी रहे।'