शिवांशु ने कहा था कि अभी कार्स24 सिंगापुर सिंगापुर की कंपनी है लेकिन अब इसे भारतीय कंपनी बनाने की तैयारी है। यह रिवर्स फ्लिप प्रक्रिया है, जैसा कि फ्लिकार्ट (Flipkart) और मिंत्रा (Myntra) ने किया था। शिवांशु की कहना है कि कंपनी को सिंगापुर से मंजूरी मिल चुकी है और भारत में दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें 6 से 9 महीने लग सकते हैं। आधिकारिक तौर पर भारतीय कंपनी बनने के बाद ही यह आईपीओ का ड्राफ्ट दाखिल कर सकेगी। शिवांश को उम्मीद है कि अप्रैल तक कंपनी ऐसा करने के योग्य हो जाएगी। इसके बाद सेबी की मंजूरी, आईपीओ की प्राइस तय करने और बुक-बिल्डिंग जैसी प्रक्रियाओं में करीब 3 से 4 महीने लग सकते हैं।