ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि FY26-29 के दौरान कोल इंडिया के डिस्पैच की CAGR 5 फीसदी रह सकता है। उसने यह भी कहा है कि दुनिया में कोयले की ऊंची कीमतों से कोल इंडिया के ई-ऑक्शन प्राइसेज को सपोर्ट मिलेगा। यह 2027-2029 के बीच 3,000 से 3,200 रुपये के बीच रह सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा है कि कोल इंडिया की अर्निंग्र प्रति शेयर (EPS) 2024-2026 के दौरान 12 फीसदी तक घटी है। लेकिन, 2026-2029 के बीच इसमें 6 CAGR का इम्प्रूवमेंट दिख सकता है।