आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल कॉर्पोरेट कंपनियों तक सिमित नहीं है बल्कि इसका इस्तेमाल इंडियन डिफेंस फोर्स में भी बढ़ता जा रहा है, जो युद्ध के दौरान सैनिकों की मदद के लिए रामबाण साबित हो सकता है। लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि क्या AI के ज्यादा इस्तेमाल से मशीनें सैनिकों की जगह तो नहीं ले लेंगी? इन्हीं सवालों का जवाबों का देते हुए आर्मी हेडक्वार्टर में स्ट्रैटेजिक प्लानिंग के डायरेक्टर जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा (AVSM, SM, VSM) ने कहा कि AI सैनिकों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनके लड़ने के तरीके और उनकी क्षमताओं में बुनियादी बदलाव लाएगा।