विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “पाकिस्तान की आदत है कि वह अपने गलत प्रोपेगैंडा के लिए तथ्यों को गलत तरीके से पेश करता है और झूठ फैलाता है। सबसे पहले, यह तथाकथित फैसला परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का फैसला नहीं है, जैसा कि पाकिस्तान के मंत्री ने दिखाने की कोशिश की है। बल्कि यह एक गैर-कानूनी तरीके से बने कोर्ट का फैसला है।” उन्होंने आगे कहा, “हम इसे पाकिस्तान की तरफ से असलियत को तोड़-मरोड़कर पेश करने की एक और कोशिश के तौर पर देखते हैं। इस मुद्दे पर हमारी स्थिति बहुत साफ है और हमने इसे कई बार दोहराया है।”