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सबसे ज्यादा जुर्माना ट्रांसयूनियन सिबिल पर लगा है। RBI ने यह भी कहा है कि जुर्माने की यह कार्रवाई रेगुलेटरी नियमों के पालन में कमियों पर बेस्ड है। इसका मकसद कंपनी और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर कोई राय देना नहीं है