राजस्थान के टोंक की सड़कों पर सनाटा पसरा है। सड़कों पर लोग कम पुलिस ज्यादा नजर आ रही है। देवली-उनियारा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने जो तांडव मचाया वो हिंसा का रूप ले लिया। नरेश मीणा के समर्थकों और पुलिस की बीच झड़प के समरावता गांव में हालात तनाव पूर्ण हो गए। पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शकारियों को हिरासत में भी लिया है। इस बीच टोंक के SP विकास सांगवान ने हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
नरेश मीणा को गुरुवार को नाटकीय घटनाक्रम और टोंक में हिंसा बढ़ने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें भारी सुरक्षा के बीच टोंक के पीपलू थाने में रखा गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद समर्थकों ने जमकर उत्पाद मचाया। कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया तो टोंक हाइवे को देर रात तक जाम रखा। स्थिति को सामान्य करने के लिए करीब 4000 पुलिसकर्मियों को टोंक में तैनात किया गया है। टोंक SP विकास सांगवान ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि हिंसा के पीछे एक बड़ी साजिश रची गई थी।
टोंक हिंसा पर SP का बड़ा खुलासा
विकास सांगवान ने बताया कि नरेश मीणा की गिरफ्तारी चुनोतिपूर्ण थी। हम पूरी तैयारी के साथ समरावाता गांव के अंदर गए थे। 13 तारीख को ही नरेश मीणा को हिरासत में ले लिया था, लेकिन उनके समर्थकों ने पुलिस गाड़ी में आग लगा दी और उन्हें पुलिस हिरासत से छुड़वा कर भगा दिया। जिस समय गाड़ी में आग लगाई, पुलिस टीम गाड़ी के अंदर मौजूद थी। घटना में कुछ पुलिस कर्मी घायल भी हुए हैं।
अफवाह फैलाने के लिए सोशल मीडिया का किया इस्तेमाल-SP
नरेश मीणा के समर्थकों ने पुलिस टीम पर पथराव करना शुरू कर दिया। गिरफ्तारी के बाद जो हिंसा हुई वो एक प्लान की गई साजिश है। सोशल मीडिया के जरिए गलत खबर फैलाई जा रही है।। खुलेआम पुलिस और प्रशासन को धमकी दिया जा रहा है। सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाले लोगों पर भी पुलिस कार्रवाई कर रही है। हाइवे जाम करना भी साजिश थी, जिसके सबूत मिले है। गिरफ्तार लोगों मे ज्यादातर लोग बाहरी है।
नरेश मीणा ने पुलिस को दी थी खुली चुनौती
बता दें कि नरेश मीणा के फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा था- ‘मेरे साथियों और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस बर्बरता वाला व्यवहार करना बंद कर दें, नहीं अभी तो यह चिंगारी सिर्फ देवली उनियारा में ही उठ रही है। जिसकी जिम्मेदार टोंक की कलेक्टर और भजनलाल सरकार है। अगर पुलिस ने यह बर्बरता वाला व्यवहार बंद नहीं किया, तो यह चिंगारी पुरे राजस्थान के चप्पे-चप्पे से उठने में ज्यादा समय नहीं लगेगा, जिसकी जिम्मेदार प्रशासन और सरकार होगी।’
यह भी पढ़ें: Tonk: SDM को थप्पड़ मारने वाले रमेश मीणा की निकली हेकड़ी, लॉकअप में जमीन पर सोकर काटनी पड़ी रात