हथकरघा साड़ियां भारतीय संस्कृति और कारीगरों की मेहनत से जुड़ी हैं। इन्हें हाथों और ट्रेडिशनल करघों से बनाया जाता है, इसलिए इन्हें तैयार करने में ज्यादा समय और मेहनत लगती है। इसी वजह से इनकी कीमत मशीन से बनी साड़ियों से ज्यादा हो सकती है। बाजार में मशीन से बनी साड़ियां बढ़ती जा रही है लेकिन कुछ आसान तरीकों से आप असली हैंडलूम कॉटन साड़ी की पहचान कर सकते है।