(खबरें अब आसान भाषा में)
लोन लेने वाला व्यक्ति बैंक से लिया गया पैसा नहीं चुकाता है तो उस पैसे को चुकाने की जिम्मेदारी गारंटर की होती है। इसका मतलब है कि गारंटर बनने से व्यक्ति के फाइनेंशियल हेल्थ के लिए रिस्क हो सकता है। इतना ही नहीं, लोन का पैसा नहीं चुकाए जाने की स्थिति में गारंटर की क्रेडिट प्रोफाइल पर भी असर पड़ता है